Wednesday, September 12, 2012

Teachers Day

शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में स्थानीय महाविद्यालय के लाइब्रेरी हॉल में अनुभूति सेवा समिति के तत्वावधान में बेसिक शिक्षकों की समस्याओं को लेकर सेमीनार का आयोजन कर उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
सेमीनार में शिक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि दिल्ली विवि के प्रोफेसर प्रो. संजय भट्ट ने कहा, बेसिक शिक्षकों की अनेक समस्याएं है। शिक्षकों का समाज मूल्यांकन करता है, फिर भी सम्मान नहीं मिलता। शिक्षकों को कभी चुनाव, तो कभी जनगणना में लगा दिया जाता है। जिससे वह अपना शिक्षण कार्य पूर्ण नहीं कर पाते। अध्यक्षता कर रही श्रीमती किरण यादव ने कहा कि बेसिक शिक्षक अपमान नहीं सम्मान से जीना सीखें। सच्चाई के लिए संघर्ष करें। अनुभूति उनकी समस्याओं को सुनकर तथा उच्चाधिकारियों तक पहुंचाकर उनका समाधान कराएगी। सेमीनार को मु. खालिद अंसारी, फारुख कुरैशी, प्रेमवीर सिंह चौहान, मु. फारुख, अवनीश यादव, नदीम, अज्म साबरी, स्नेहलता, अंजू चतुर्वेदी, मु. इरफान, संजय यादव ने भी संबोधित किया। इस दौरान उत्कृष्ट शिक्षकों को शॉल उड़ाकर और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में गंजडुंडवारा से अंतराम यादव, नाथूराम शर्मा, किशनलाल, रामलाल बघेल, रामनारायण, मु. शकील, स्नेहलता, जगदीश पाठक और पटियाली से रामकेशव दीक्षित, सुरेश दीक्षित, महेद्र सिंह, चंद्रभान सिंह, ईश्वरीदपाल, सिढ़पुरा से नन्नूपाल, इन्दल सिंह, हरदम सिंह, सुन्नीलाल, शिवराम सिंह, डा. हरेंद्र त्यागी, हाफिज किफायतुल्ला, उमेश आर्य, मनीष चौहान, संजय यादव, अवनीश यादव, मनीष सिंह, अनिल कुमार, प्रमोद अपाध्याय, अंजू चतुर्वेदी, किशनचंद्र तिवारी सहित अनेक लोग मौजूद थे। अध्यक्षता प्रमुख समाज सेविका किरण यादव ने की। जबकि संचालन प्रो. नीना ने किया।

Sunday, August 19, 2012

शाहिद का जाना 

ये उन दिनों की बात है जब हम पटियाली में काम शुरू करने के बारे में सोच ही रहे थे. भोले बाबा ( मनोज भाई ) से मार्गदर्शन लेने गए तो उन्होंने कहा रुक मैंने शाहिद को बुलाया है . वो आ जायेगा तब बात करेंगे. उन्होंने कहा था अपने जैसा है तुझे जमेगा .फिर फ़ोन पर उन्होंने ने अपने चिर परिचित अंदाज़ में शाहिद को लेट होने के लिए डांटा भी था. भोले की बात को मैंने बहुत गंभीरता से नहीं लिया था.I 
always thought he is prone to over rate people. पहली मुलाक़ात ठीक ठाक ही रही . It was neither greatly exciting nor routinely disappointing.

उसके बाद हम न जाने कितनी बार मिले और न जाने पटियाली की हमने कितनी यात्रायें कीं. And this time Bhole, you were bang on the mark. अगर पटियाली में हम कुछ कर पाए हैं तो उसका प्रमुख श्रेय शाहिद को ही जाता है. बारिश में और बाढ़ में, आग में और धूप में शाहिद तुम ही थे जो गतिविधियों के केंद्र बिंदु में थे. साजिद भाई से बात करने से लेकर, समाचारों के प्रकाशन तक सब कुछ तुम ही देखते थे. व्यक्तिगत तौर पर मैंने तुम्हारी आलोचना भी बहुत की , drawing a parallel to Vimal being only one of them. उस सबके बावजूद न केवल तुमने हम सबको और ख़ास कर मुझे बर्दाश्त किया बल्कि अनुभूति को खड़ा करने में महती भूमिका भी निभायी. It was not with out reason that Bhole felt Shahid was giving more time to Anubhuti then to Sahyatri. And now all of a sudden we realise you will not be here.

Shahid has been selected as Associate Professor for the Department of Social Work, Maulana Azad National Open University, Hyderabad. It is a promotion for him and should make all of us happy. But the pain of parting is so overwhelming that we are not able to rejoice. We are sure if we had those extra 30000 rupees we wont let him go and he i am sure would have stayed back. But then fact of the matter is that all of us are struggling financially and he is the worst hit of us all.

He will be joining there on 16th August. All of us know this could have been around 8-9th August but Shahid chose to delay it for the programmes of Anubhuti on 11th & 12th August 2012. अब हमारा रिश्ता ऐसा नहीं बचा कि मैं तुम्हें इसके लिए शुक्रिया कहूं. I am known for putting up brave face in the worst of times. But this time i am not sure.

तुमसे हमेशा कुछ मांगता ही रहा, देने के लिए मेरे पास है भी क्या. I ask you again, please remember us and keep the commitment you have made to me and Bhole. Grow big but not like your illustrious predecessors who went to Mumbai.

We love you and will miss you more than you will ever know.





Team Anubhuti
पटियाली (ब्यूरो)। कसबा के अमीर खुसरो पुस्तकालय में अनुभूति सेवा समिति की ओर से रोजा इफ्तार कार्यक्रम आयोजित किया गया। जहां पर हजारों की संख्या में मुसलिम समाज के लोगों ने  रोजा इफ्तार पार्टी में शिरकत कर नमाज अदा की और अल्लाह ताला से अमन चैन की दुआएं मांगी। इस मौके पर  मोहित गुप्ता, धर्मेंद्र सचान, पूर्व चेयरमैन आबाद हुसैन, सपा नगर अध्यक्ष हशमत अली, नसीम मंसूरी चमन कुरैशी, सतेंद्र पांडेय, शाहिद मलिक, मलिक एम साजिद कलम, साहिद खान, अमजद खान आदि उपस्थित  थे।
अनुभूति ने पढ़ाया कामयाबी का पाठ
कैरियर बनाने के लिए छात्रों को दिए टिप्स
पटियाली। अनुभूति सेवा समिति द्वारा मेधावी एक बड़े कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। तहसील क्षेत्र के इंटरमीडिएट में 75 प्रतिशत और हाईस्कूल में 80 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले छात्र-छात्राओं को इस अवसर पर  पुरस्कृत किया गया।
दिल्ली से आए सीबीआई के डीआईजी अमित कुमार ने कहा कि पिछड़े क्षेत्र में प्रतिभाओं के सम्मान और पुरस्कृत करने से उन्हें आ
गे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। समारोह में मौजूद विद्यार्थियों को अधिकारी बनने के टिप्स भी  दिए गए । अनुभूति सेवा समिति के द्वारा आमंत्रित अतिथियों  ने कहा कि कंपीटीशन की तैयारी करने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी हासिल करें और संबंधित परीक्षा के 10 वर्ष के प्रश्न पत्रों का भली भांति अवलोकन कर लें। इससे कंपीटीशन की तैयारियों से संबंधित प्रश्नों के बारे में खासी जानकारी हो जाती है।उन्होंने कहा कि अनुभूति का संकल्प है कि पटियाली जैसे पिछडे़ क्षेत्र में इसी  तरह के रचनात्मक कार्य कर प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका दिया जाए।


 समिति की अध्यक्षा किरण यादव ने उपस्थित आगुंतकों का आभार जताते हुए समिति द्वारा कराए गए रचनात्मक कार्यों के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर मु. असलम एडीसनल जीएमबीएसएनएल, अजय मिश्रा, सुधीर त्यागी, धर्मेंद्र सचान, शैलेंद्र सिंह, मोहित गुप्ता, संजय यादव, मनीष चौहान, संजीव कुमार प्रधानाचार्य, रामकिशन दीक्षित, प्रो. साहिद अली, साहिद मलिक, मलिक एम साजिद कलम, सतेंद्र पांडेय आदि उपस्थित थे।
अनुभूति सेवा समिति के तत्वावधान में शनिवार को पटियाली तहसील के अमीर खुसरो पुस्तकालय पर आयोजित दो दिवसीय पुस्तक मेला में पुस्तक प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और  मनपसंद पुस्तकों की खरीददारी की।
पुस्तक मेले का उद्घाटन अनुभूति सेवा समिति की अध्यक्ष किरण यादव ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि छात्रों को जीवन में उन्नति के लिए ज्ञानवर्धक पुस्तकों को अपना साथी बनाना चाहिए। पुस्तकों को
 सिर्फ टाइमपास समझकर न पढ़े, बल्कि प्रेरणा लें। उनके आदर्शों  को जीवन में उतारें। उन्होंने कहा, पटियाली क्षेत्र शिक्षा में पिछड़ा है, इसलिए उनकी टीम ने नेशनल बुक ट्रस्ट व स्वराज प्रकाशन के सहयोग से दो दिवसीय पुस्तक मेले का आयेाजन कराया है । समिति अध्यक्ष ने बताया, प्रदर्शनी में राष्ट्रीय स्तर की उच्च गुणवत्ता की पुस्तकें विशेष छूट पर उपलब्ध है।
उन्होंने आगे  कहा कि  अनुभूति जल्द ही उर्दू सेंटर, कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर और पुस्तकालय शुरू करेगी। 


इस अवसर पर मनीष चौहान, संजय यादव, डॉ. शाहिद, चौधरी आरिफ, धर्मेन्द्र सचान, कुंवर असीम अली, मुहम्मद खालिद, समीर कृष्ण, राजबहादुर, शाहिद मलिक, इमरान, मो. शाहिद, साजिद, बब्लू वाष्ण्रेय,  अमजद आदि उपस्थित थे।

Monday, July 30, 2012


प्रतिभा सम्मान समारोह 12 अगस्त को
पटियाली (ब्यूरो)। तहसील क्षेत्र के जिन मेधावी छात्र, छात्राओं ने हाईस्कूल 2012 में 80 प्रतिशत या इससे अधिक अंक तथा इंटर की परीक्षा 2012 में 75 प्रतिशत या इससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं, को अनुभूति सेवा समिति पुरस्कृत व सम्मानित कर प्रशस्ति पत्र प्रदान करेगी। आगामी 12 अगस्त रविवार को सुबह 10 बजे अमीर खुसरो पुस्तकालय में शत प्रतिशत श्रेष्ठ परीक्षाफल देने वाले स्कूलों के प्रधानाचार्यो व प्रबंधकों को भी सम्मानित किया जाएगा। विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य के लिए इसी दिन कैरियर काउंसलिंग सेमीनार का आयोजन किया जाएगा। समिति की अध्यक्ष व आयोजक किरन यादव ने प्रतिभाशाली छात्र छात्राओं से नि:शुल्क रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की है। 

Wednesday, July 04, 2012

Workshop for the Volunteers

16th-17th June we organised a workshop for the volunteers. It was made possible with the efforts and contributions from Dr. Manoj k. Jha, Dr. Mohd.Shahid, Dr.Neena Pandey, Dharmendra Sachan, Sudhir Tyagi, Mohit Gupta, Mohd. Arif, Arun Pathak, Rajeev Rai, Tabrez Ahmad, Anuj Saxena , Sakhawat Hussain & Amarjeet Singh who took a lot of pains to travel from far off distances. Prabhat Bhai could not make it as he was away to Bihar. But his contribution stood out.

The journies were by and large comfortable. Yamuna Expressway made them easier and faster. Stay was far from comfortable but Manoj Bhai, Rajeev and Tabrez Bhai were slightly better placed.

The two day sessions were made interesting and lively by Manoj Bhai. There was active participation from the volunteers and the sentiment was positive.Lots of suggestions have come up and we are drawing future programmes accordingly.

Rajeev was requested to pen the details of the workshop but it seems he has not been able to find time. May be Shahid or Neena will take the pains and do the needful.

This is just for record. Somebody will do justice by writing in detail.