Tuesday, April 30, 2013
Monday, March 11, 2013
श्रद्धांजली
इस यात्रा में बहुत साथी हैं और इसी वजह से ये सुहानी और बर्दाश्त करने लायक है. इसमें एक आदमी की कमी बहुत शिद्दत से अखरती है. वो कोई बड़ा आदमी नहीं था. लेकिन अगर आज वो हमारे साथ होता तो बात ही कुछ और होती।
बहुत से साथी उसे जानते हैं बहुत से नहीं भी . मनोज भाई आपको यकीनन याद होगा और मुझे विश्वास है आप सहमत होंगे कि अगर आज भूरे होता तो मज़ा आ जाता।
भूरे उसका असली नाम नहीं था। हमें असली नाम पूछने में और उसे बताने में पसीने आ गए थे. मनोज भाई की बहुत जिद के बाद उसने बताया था कि उसका असली नाम शीतल प्रसाद है , साथ में यह भी जोड़ा कि अब सब भूरे ही कहते हैं . और फिर वह हम सबके लिये भी भूरे ही हो गया .
भूरे गाड़ी चलाता था। अपने फ़न में तो वो माहिर था ही इंसान भी बहतरीन था . हमेशा उसे मुस्कुराते ही देखा . कभी कोई शिकायत नहीं। खाना न मिल सका तो भी कोई परवाह नहीं। बच्चोँ की तरह निष्छल। कई बार तो भेड़िया आया भेड़िया आया वाली कहानी मिलू के बहाने उसको ही सुननी होती थी।
दिल्ली की हर वो जगह जहाँ हमें जाना होता था उसे पता थी। दिल्ली को उसने और हमने मिल के ही जाना था। अगर आज बहुत से रास्ते पता हैं तो ये भूरे की वजह से ही है .
एक दिन भूरे को चेस्ट पेन की शिकायत हुई तो डॉक्टर को दिखाया गया। तब हम लोग दिल्ली में नहीं थे. बाद में जब हम दिल्ली आये और चेक अप कराया तो पता लगा कि Heart की problem है. Angioplasty करानी होगी। सबके संयुक्त और छोटू ( करुणेन्द्र ) के विशेष प्रयास से AIIMS में ये भी हो गया। और लगा कि सब ठीक हो गया।
लेकिन कुछ साल बाद ही one morning he did not get up. It was 6th of January. And since than we have been struggling to learn to live with out him.
अनुभूति का पटियाली सफ़र उसके जाने के बाद ही शुरू हुआ। अगर आज भूरे होता तो जिस तरह का काम हम लोग कर रहे हैं उसे देख कर बहुत खुश होता।
हर यात्रा में तुम्हारी याद साथ रहती है और भले ही तुम हमें छोड़ कर चले गए हमारे संघर्ष का अभिन्न हिस्सा तुम हमेशा रहोगे. दोस्त भूरे तुम हमेशा याद किये जाओगे.
अनुभूति टीम
बहुत से साथी उसे जानते हैं बहुत से नहीं भी . मनोज भाई आपको यकीनन याद होगा और मुझे विश्वास है आप सहमत होंगे कि अगर आज भूरे होता तो मज़ा आ जाता।
भूरे उसका असली नाम नहीं था। हमें असली नाम पूछने में और उसे बताने में पसीने आ गए थे. मनोज भाई की बहुत जिद के बाद उसने बताया था कि उसका असली नाम शीतल प्रसाद है , साथ में यह भी जोड़ा कि अब सब भूरे ही कहते हैं . और फिर वह हम सबके लिये भी भूरे ही हो गया .
भूरे गाड़ी चलाता था। अपने फ़न में तो वो माहिर था ही इंसान भी बहतरीन था . हमेशा उसे मुस्कुराते ही देखा . कभी कोई शिकायत नहीं। खाना न मिल सका तो भी कोई परवाह नहीं। बच्चोँ की तरह निष्छल। कई बार तो भेड़िया आया भेड़िया आया वाली कहानी मिलू के बहाने उसको ही सुननी होती थी।
दिल्ली की हर वो जगह जहाँ हमें जाना होता था उसे पता थी। दिल्ली को उसने और हमने मिल के ही जाना था। अगर आज बहुत से रास्ते पता हैं तो ये भूरे की वजह से ही है .
एक दिन भूरे को चेस्ट पेन की शिकायत हुई तो डॉक्टर को दिखाया गया। तब हम लोग दिल्ली में नहीं थे. बाद में जब हम दिल्ली आये और चेक अप कराया तो पता लगा कि Heart की problem है. Angioplasty करानी होगी। सबके संयुक्त और छोटू ( करुणेन्द्र ) के विशेष प्रयास से AIIMS में ये भी हो गया। और लगा कि सब ठीक हो गया।
लेकिन कुछ साल बाद ही one morning he did not get up. It was 6th of January. And since than we have been struggling to learn to live with out him.
अनुभूति का पटियाली सफ़र उसके जाने के बाद ही शुरू हुआ। अगर आज भूरे होता तो जिस तरह का काम हम लोग कर रहे हैं उसे देख कर बहुत खुश होता।
हर यात्रा में तुम्हारी याद साथ रहती है और भले ही तुम हमें छोड़ कर चले गए हमारे संघर्ष का अभिन्न हिस्सा तुम हमेशा रहोगे. दोस्त भूरे तुम हमेशा याद किये जाओगे.
अनुभूति टीम
Sunday, March 10, 2013
म्याऊ में बस
दिल्ली-म्याऊ रोडवेज बस सेवा आरंभ, हर्ष
पटियाली: तटवर्ती ग्रामीणों की परेशानी को दृष्टिगत रखते हुये परिवहन विभाग ने दिल्ली-म्याऊ बस सेवा का शुभारंभ किया है। परिवहन विभाग की यह बस दिल्ली से रात्रि नौ बजे प्रस्थान करेगी जो कासगंज, गंजडुण्डवारा, पटियाली होकर ग्राम म्याऊ सुबह 6 बजे पहुंचेगी। एक घंटे विश्राम के बाद सात बजे म्याऊ से पुन: रवाना होकर दिल्ली पांच बजे शाम को पहुंचेगी।
विदित हो कि ग्राम म्याऊ के ग्रामीणों की परेशानियों को दृष्टिगत रखते हुये ग्रामीणों ने अनुभूति सेवा समिति अध्यक्षा किरण यादव के समक्ष बात रखी जिसको अमली जामा पहनाते हुये समिति की पहल पर शनिवार की सुबह ग्राम म्याऊ में परिवहन विभाग की बस पहुंची तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना न रहा।
ग्रामीणों ने परिवहन विभाग की बस का प्रथम बार आगमन पर जोरदार स्वागत कर मिष्ठान वितरण किया । इस दौरान ग्राम प्रधान शोएब खान, पूर्व प्रधान बाबू भाई, अरसद खां, शाहजेब हुसैन, मलिक, खालिद काजी, रामनिवास, अब्दुल्ला रहमान, जावेद, साहिद अली, मलिक एम साजिद कलम, दीपक यादव सहित अनेक लोग उपस्थित थे।
पटियाली: तटवर्ती ग्रामीणों की परेशानी को दृष्टिगत रखते हुये परिवहन विभाग ने दिल्ली-म्याऊ बस सेवा का शुभारंभ किया है। परिवहन विभाग की यह बस दिल्ली से रात्रि नौ बजे प्रस्थान करेगी जो कासगंज, गंजडुण्डवारा, पटियाली होकर ग्राम म्याऊ सुबह 6 बजे पहुंचेगी। एक घंटे विश्राम के बाद सात बजे म्याऊ से पुन: रवाना होकर दिल्ली पांच बजे शाम को पहुंचेगी।
विदित हो कि ग्राम म्याऊ के ग्रामीणों की परेशानियों को दृष्टिगत रखते हुये ग्रामीणों ने अनुभूति सेवा समिति अध्यक्षा किरण यादव के समक्ष बात रखी जिसको अमली जामा पहनाते हुये समिति की पहल पर शनिवार की सुबह ग्राम म्याऊ में परिवहन विभाग की बस पहुंची तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना न रहा।
ग्रामीणों ने परिवहन विभाग की बस का प्रथम बार आगमन पर जोरदार स्वागत कर मिष्ठान वितरण किया । इस दौरान ग्राम प्रधान शोएब खान, पूर्व प्रधान बाबू भाई, अरसद खां, शाहजेब हुसैन, मलिक, खालिद काजी, रामनिवास, अब्दुल्ला रहमान, जावेद, साहिद अली, मलिक एम साजिद कलम, दीपक यादव सहित अनेक लोग उपस्थित थे।
Monday, February 18, 2013
The Computer Centre
Last year when we met in the first workshop for the volunteers Tabrez Bhai had mentioned that we should go for a Centre of NCPUL (National Council for the Promotion of Urdu Language) at Patiyali as it would not only help the promotion of Urdu language but also bring Computer education to this area. Some of us at the end of the workshop were wondering as to what is the 'Take Home' from the workshop? This Republic Day when the Centre opened at Patiyali, there were smiles all around. In fact it was euphoria.
Crossing all hurdles we were able to get the Centre inaugurated on 26th January by Rajyavardhan Singh Rathore. The credit for the entire show goes to Tabrez Bhai, Mohit Gupta & Malik M. Sajid. Timelines were difficult, there were too many loose ends and yet we did it. And we did it in a manner that every body was thrilled. Rajyavardhan got a very warm welcome and he was dignity and grace personified. Thanx Rajyavardhan for the pains you took to travel that far and being a part of the proceedings. Do forgive us if there were any slip ups.
Thanx Tabrez Bhai for every thing you did to make the event happen. Thanx Mohit for having been the anchor of the show in more ways than one. Thanks Sachin for providing the car. Thanx Anuj Saxena for organising the Centre. Thanx Rajeev Rai for being there and making the speech you made. Thanks Alok, Arun, Kamal, Arif for being there. Thanks Dharmendra, Sudhir, Yogendra & Amarjeet.
Thanks Shahid for the flight you took from Hyderabad to conduct the programme. Thanks Neena, you came and gave that much needed company to Kiran Yadav. Prabhat Bhai your presence and enthusiasm lifted us. Thanx a lot. Thanks Gyanendra for contributing despite being unable to attend.
What do we say to Sajid. Words fail and Thanx is too small a word to convey what you have been like. Thanx Sanjay & Manish Bhai. Thanks Babloo, Bhaskar, Poornesh, Dhananjay, Rakesh Bhai, Saajan for joining.
There was a lot of tension, freighed nerves, but everything fell in place. The synchronization was perfect and finish was elegant. Thank you one and all. Let us hope we better this soon.
Team Anubhuti
Crossing all hurdles we were able to get the Centre inaugurated on 26th January by Rajyavardhan Singh Rathore. The credit for the entire show goes to Tabrez Bhai, Mohit Gupta & Malik M. Sajid. Timelines were difficult, there were too many loose ends and yet we did it. And we did it in a manner that every body was thrilled. Rajyavardhan got a very warm welcome and he was dignity and grace personified. Thanx Rajyavardhan for the pains you took to travel that far and being a part of the proceedings. Do forgive us if there were any slip ups.
Thanx Tabrez Bhai for every thing you did to make the event happen. Thanx Mohit for having been the anchor of the show in more ways than one. Thanks Sachin for providing the car. Thanx Anuj Saxena for organising the Centre. Thanx Rajeev Rai for being there and making the speech you made. Thanks Alok, Arun, Kamal, Arif for being there. Thanks Dharmendra, Sudhir, Yogendra & Amarjeet.
Thanks Shahid for the flight you took from Hyderabad to conduct the programme. Thanks Neena, you came and gave that much needed company to Kiran Yadav. Prabhat Bhai your presence and enthusiasm lifted us. Thanx a lot. Thanks Gyanendra for contributing despite being unable to attend.
What do we say to Sajid. Words fail and Thanx is too small a word to convey what you have been like. Thanx Sanjay & Manish Bhai. Thanks Babloo, Bhaskar, Poornesh, Dhananjay, Rakesh Bhai, Saajan for joining.
There was a lot of tension, freighed nerves, but everything fell in place. The synchronization was perfect and finish was elegant. Thank you one and all. Let us hope we better this soon.
Team Anubhuti
Tuesday, January 15, 2013
Monday, January 14, 2013
In the News
Dainik Jagran
14th JAN 2013
अनुभूति ने कटरी में बांटे कंबल
पटियाली: ठिठुरन भरी सर्दी का सबसे अधिक प्रकोप गंगा की तलहटी में निवास करने वाले ग्रामीणों पर रहता है ,ऐसे गरीब तथा बेसहारा स्त्री, पुरुषों को ठंड से बचाने के लिये अनुभूति सेवा समिति के पदाधिकारियों ने तटवर्ती गांव नैथरा, नगरिया, तरसी और कादरगंज में पहुंचकर कंबलों का वितरण किया। सर्दी से बचाव के लिये अनुभूति सेवा समिति अध्यक्षा किरण यादव ने कंबल वितरण के दौरान कहा कि गरीबों तथा बेसहाराओं की मदद करना ही ईश्वर सेवा के तुल्य है जिसके बाद मानव को सच्ची शांति का अनुभव होता है।
तटवर्ती गांवो में कंबल वितरण के दौरान प्रधान विक्की, भगवान सिंह, मनीष चौहान, मलिक एम साजिद कलम, संजय यादव, अनिल कुमार, जलालुद्दीन, जितेंद्र यादव, रतन कुमार, शाहिद मास्टर मौजूद थे।
14th JAN 2013
अनुभूति ने कटरी में बांटे कंबल
पटियाली: ठिठुरन भरी सर्दी का सबसे अधिक प्रकोप गंगा की तलहटी में निवास करने वाले ग्रामीणों पर रहता है ,ऐसे गरीब तथा बेसहारा स्त्री, पुरुषों को ठंड से बचाने के लिये अनुभूति सेवा समिति के पदाधिकारियों ने तटवर्ती गांव नैथरा, नगरिया, तरसी और कादरगंज में पहुंचकर कंबलों का वितरण किया। सर्दी से बचाव के लिये अनुभूति सेवा समिति अध्यक्षा किरण यादव ने कंबल वितरण के दौरान कहा कि गरीबों तथा बेसहाराओं की मदद करना ही ईश्वर सेवा के तुल्य है जिसके बाद मानव को सच्ची शांति का अनुभव होता है।
तटवर्ती गांवो में कंबल वितरण के दौरान प्रधान विक्की, भगवान सिंह, मनीष चौहान, मलिक एम साजिद कलम, संजय यादव, अनिल कुमार, जलालुद्दीन, जितेंद्र यादव, रतन कुमार, शाहिद मास्टर मौजूद थे।
Tuesday, January 08, 2013
The New Year
संगठन की दिशा और दशा पर कई मित्रों के मन में सवाल हैं। ये कैसे चलेगा ? न कोई project, न कोई funding. ये charity कैसे sustain होगी और क्या charity कोई समाधान है?
प्रश्न बड़े और गंभीर हैं और इनके उत्तर हमारे पास हैं नहीं। हर चीज़ की लाइफ होती है शायद इस प्रयास की भी होगी। एक ज़िद है प्रयास को आगे बढाने की, निरंतर चलते रहने की। लगता है कि more than the destination, it is about the journey. So let us enjoy it.
उत्तर प्रदेश के छोटे से ज़िले कासगंज के छोटे - छोटे क़स्बों सिढ़पुरा, पटियाली और गंजडुण्डवारा में अदिति कॉलेज की छात्राएं rural visit के लिए आयीं। उन्हें यहाँ आकर एक नया परिद्रश्य देखने को मिला, और हमारे लोगों ने भी एक नया अनुभव प्राप्त किया , ये भी क्या कम है? धन्यवाद अदिति कॉलेज , धन्यवाद नीना और शाहिद।
जब आग लगती है और सैकड़ों घर जल कर ख़ाक हो जाते हैं तब आप और हम जो मदद ले कर जाते हैं उसका कोई मूल्य है? इस बार तो National Institute of Disaster Management के सहयोग से हम Fire Fighting और prevention पर कुछ प्रशिक्षण भी करा सके। नरदौली में कुछ Fire Extinguishers भी हमने छोड़े। धन्यवाद संजय और यदुवीर भाई . उन बेटियों की शादी हो सकी जिनके घर नैथरा में जल गए थे, ये क्या कम सुखद अनुभूति है?
जून की तपती दोपहरी में Anubhuti Volunteers की पहली Workshop आयोजित हुई। मनोज भाई, नीना, शाहिद, तबरेज़ भाई आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। But this शुक्रिया comes with a request to all of you to kindly plan the next one in March end.
किसने सोचा होगा कि National Book Trust कभी पटियाली में book exhibition लगाएगी लेकिन आपकी समिति ने इसे संभव कर दिखाया। Thanx Rakesh.
अमीर खुसरो की ज़मीन पर पढाई लिखाई की बात भी हमें ही आगे बढानी होगी, और ये हमने किया भी। तहसील क्षेत्र के मेधावी छात्र छात्राओं को पुरस्कृत एवं सम्मानित करने के साथ ही उनकी Career Counselling भी की गयी। अमित तुम CBI के इतने बड़े अफसर होने के बाद भी हमारे साथ पटियाली आये और बच्चों से बात की उसके लिए बहुत-बहुत आभार।
Teaching community in rural Uttar Pradesh has been a neglected lot for long. This Teachers Day we were able to honour teachers who excelled in Patiyali Tehsil in a function at Ganjdundwara. Thanks a lot Prof. Sanjai Bhatt for having graced the occasion with your eminent presence.
Persisting with our activities in the field of education we conducted a Quiz and Debate in the month of November. On this occasion we also announced the Anubhuti fellowship for the students of class XIth. The test for the same is yet to be conducted. Thank you Manoj Bhai for the thought.
पूरा उत्तर भारत और ख़ास तौर से दिल्ली और उत्तर प्रदेश ठण्ड से ठिठुर रहे हैं। पटियाली क्षेत्र में हम रिश्तों की गरमाहट से हर प्रकार की ठण्ड और जकड़न से लड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इस नवम्बर हमने एक नारा भी दिया था 'हम पढेंगे, हम लड़ेंगे'. इसे साकार भी करना है।
इस वर्ष नयी आशाओं , नए उत्साह और उमंग के साथ हमें आगे बढ़ना है ---
"सेनानी करो प्रयाण अभय भावी इतिहास तुम्हारा है
ये नखत अमां के बुझते हैं सारा आकाश तुम्हारा है।।"
आप सभी को नव वर्ष शुभ हो।
Team Anubhuti
प्रश्न बड़े और गंभीर हैं और इनके उत्तर हमारे पास हैं नहीं। हर चीज़ की लाइफ होती है शायद इस प्रयास की भी होगी। एक ज़िद है प्रयास को आगे बढाने की, निरंतर चलते रहने की। लगता है कि more than the destination, it is about the journey. So let us enjoy it.
उत्तर प्रदेश के छोटे से ज़िले कासगंज के छोटे - छोटे क़स्बों सिढ़पुरा, पटियाली और गंजडुण्डवारा में अदिति कॉलेज की छात्राएं rural visit के लिए आयीं। उन्हें यहाँ आकर एक नया परिद्रश्य देखने को मिला, और हमारे लोगों ने भी एक नया अनुभव प्राप्त किया , ये भी क्या कम है? धन्यवाद अदिति कॉलेज , धन्यवाद नीना और शाहिद।
जब आग लगती है और सैकड़ों घर जल कर ख़ाक हो जाते हैं तब आप और हम जो मदद ले कर जाते हैं उसका कोई मूल्य है? इस बार तो National Institute of Disaster Management के सहयोग से हम Fire Fighting और prevention पर कुछ प्रशिक्षण भी करा सके। नरदौली में कुछ Fire Extinguishers भी हमने छोड़े। धन्यवाद संजय और यदुवीर भाई . उन बेटियों की शादी हो सकी जिनके घर नैथरा में जल गए थे, ये क्या कम सुखद अनुभूति है?
जून की तपती दोपहरी में Anubhuti Volunteers की पहली Workshop आयोजित हुई। मनोज भाई, नीना, शाहिद, तबरेज़ भाई आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। But this शुक्रिया comes with a request to all of you to kindly plan the next one in March end.
किसने सोचा होगा कि National Book Trust कभी पटियाली में book exhibition लगाएगी लेकिन आपकी समिति ने इसे संभव कर दिखाया। Thanx Rakesh.
अमीर खुसरो की ज़मीन पर पढाई लिखाई की बात भी हमें ही आगे बढानी होगी, और ये हमने किया भी। तहसील क्षेत्र के मेधावी छात्र छात्राओं को पुरस्कृत एवं सम्मानित करने के साथ ही उनकी Career Counselling भी की गयी। अमित तुम CBI के इतने बड़े अफसर होने के बाद भी हमारे साथ पटियाली आये और बच्चों से बात की उसके लिए बहुत-बहुत आभार।
Teaching community in rural Uttar Pradesh has been a neglected lot for long. This Teachers Day we were able to honour teachers who excelled in Patiyali Tehsil in a function at Ganjdundwara. Thanks a lot Prof. Sanjai Bhatt for having graced the occasion with your eminent presence.
Persisting with our activities in the field of education we conducted a Quiz and Debate in the month of November. On this occasion we also announced the Anubhuti fellowship for the students of class XIth. The test for the same is yet to be conducted. Thank you Manoj Bhai for the thought.
पूरा उत्तर भारत और ख़ास तौर से दिल्ली और उत्तर प्रदेश ठण्ड से ठिठुर रहे हैं। पटियाली क्षेत्र में हम रिश्तों की गरमाहट से हर प्रकार की ठण्ड और जकड़न से लड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इस नवम्बर हमने एक नारा भी दिया था 'हम पढेंगे, हम लड़ेंगे'. इसे साकार भी करना है।
इस वर्ष नयी आशाओं , नए उत्साह और उमंग के साथ हमें आगे बढ़ना है ---
"सेनानी करो प्रयाण अभय भावी इतिहास तुम्हारा है
ये नखत अमां के बुझते हैं सारा आकाश तुम्हारा है।।"
आप सभी को नव वर्ष शुभ हो।
Team Anubhuti
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